सम्पादक -कमलेश त्रिवेदी की खबर
बस्तर। जनपद पंचायत बकावण्ड में पंचायत सचिव छत्तीसगढ़ राज्य एसोसिएशन के बैनर तले अपनी एक सूत्रीय मांग – शासकीयकरण – को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। करीब 20 वर्षों से शासकीय कार्यों में सेवाएं दे रहे पंचायत सचिवों ने शासन से अपने नियमितीकरण की मांग करते हुए प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ दिया है।
ग्राम पंचायतों का कार्य ठप
बकावण्ड, जो बस्तर जिले का सबसे बड़ा और शिक्षित जनपद पंचायत माना जाता है, वहां सभी सचिवों के एक साथ हड़ताल पर जाने से पंचायत कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है। नवनिर्वाचित सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के सामने ग्राम विकास योजनाओं के संचालन में बड़ी बाधा खड़ी हो गई है, क्योंकि सचिवों के बिना पंचायतों का प्रशासनिक कार्य संभव नहीं हो पा रहा है।
30 वर्षों से संघर्षरत पंचायत सचिव
सूत्रों के अनुसार, 30 वर्षों से पंचायत सचिव बनने के लिए संघर्ष कर रहे कर्मी अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और केंद्र में मोदी सरकार भरोसे की सरकार है, इसलिए पंचायत सचिवों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी की जाएगी।
हड़ताल जारी रहने की चेतावनी
सचिव संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी शासकीयकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इसके चलते पंचायतों के विकास कार्य ठप होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी कई प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
