सम्पादक-कमलेश त्रिवेदी की खबर
जगदलपुर, 24 मार्च 2025 – शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर के विधि विभाग द्वारा ग्राम पुष्पाल में विधि साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन सोलंकी के निर्देशन में किया गया।
गांव में विधिक जागरूकता रैली व नुक्कड़ नाटक का आयोजन
विधि द्वितीय, तृतीय वर्ष एवं एलएलएम प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने पूरे गांव में विधिक साक्षरता रैली निकाली। हाथों में जागरूकता से जुड़े पोस्टर व नारे लेकर उन्होंने ग्रामीणों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी दी। इसके बाद, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विभिन्न विधिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया।
फर्जी मुकदमों पर नुक्कड़ नाटक – अभिषेक गुरु एवं उनके साथियों ने दिखाया कि यदि किसी व्यक्ति पर झूठा मुकदमा किया जाता है या पुलिस बिना उचित आधार के गिरफ्तारी करती है, तो वह कानूनी सहायता कैसे प्राप्त कर सकता है।
सड़क सुरक्षा पर जागरूकता – हेमराज एवं संतोष ग्रुप ने हेलमेट की अनिवार्यता और एक्सीडेंटल केस में मुआवजा पाने की प्रक्रिया पर नाटक प्रस्तुत किया।
दहेज प्रथा के खिलाफ प्रस्तुति – प्रियंका एवं उनके ग्रुप ने दहेज प्रथा की भयावहता को दर्शाते हुए महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
इसके अतिरिक्त, हेमराज (एलएलबी तृतीय वर्ष) ने एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की, जबकि शिप्रा (एलएलएम प्रथम वर्ष) ने गीत के माध्यम से विधिक अधिकारों की जानकारी दी।
ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनका विधि छात्रों ने समाधान दिया:
यदि पुलिस किसी को बिना उचित आधार के गिरफ्तार कर 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत नहीं करती तो जस्केतन जोशी ने बताया कि हाईकोर्ट में अनुच्छेद 226 और सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 32 के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की जा सकती है।
यदि किसी महिला से दहेज मांगा जाता है और दहेज न देने पर विवाह विच्छेद की धमकी दी जाती है, तो ललित चांडक (एलएलएम प्रथम वर्ष) ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 80 के तहत यह अपराध है, जिसमें 7 वर्ष तक का कारावास हो सकता है।
ग्रामवासियों की सराहना और भविष्य की योजनाएं
ग्राम पुष्पाल के सरपंच प्रतिनिधि सहित अन्य ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा की और इसे अत्यंत लाभदायक बताया। उन्होंने विधि विभाग से भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विधि विभाग से सहायक प्राध्यापक श्री नरेंद्र कुमार साहू, सुश्री ऋचा सिंह, श्री हिमांशु मिश्रा एवं श्री मनीष तिवारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में, विधि विभागाध्यक्ष डॉ. मोहन सोलंकी ने सभी प्रतिभागियों और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद दिया।
