पहलगाम (जम्मू-कश्मीर), 22 अप्रैल 2025:
जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में सोमवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। हमले में अब तक 28 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
हमला बाईसरन घाटी में दोपहर करीब 2:50 बजे हुआ
हमलावरों ने बाईसरन घाटी में पर्यटकों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनकी पहचान पूछी और उसके बाद अंधाधुंध गोलियां चलाईं। घायलों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
“द रेजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है। TRF ने हमले को “कश्मीर में बाहरी लोगों के बसने के विरोध” में अंजाम दिया गया क़रार दिया है।
सुरक्षाबलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना के तुरंत बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पूरे पहलगाम क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सरकारी कार्रवाई पर उठते सवाल
यह हमला एक बार फिर इस सवाल को जन्म देता है कि सरकार कब तक ऐसी घटनाओं के बाद सिर्फ निंदा और आश्वासन तक सीमित रहेगी? क्या अब समय नहीं आ गया है कि आतंक के खिलाफ निर्णायक और ठोस कार्रवाई की जाए?
पर्यटकों की सुरक्षा, स्थानीय नागरिकों का विश्वास और घाटी की शांति—इन सब पर संकट मंडरा रहा है, और अब देश यह जानना चाहता है कि सरकार कब और कैसे इस खतरे का स्थायी समाधान लाएगी।
