कमलेश त्रिवेदी की खबर

जगदलपुर, 05 जून 2025/जिले में अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं रहेगा। राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित दो दिवसीय काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से जिले के अतिशेष शिक्षकों को जरूरतमंद विद्यालयों में पदस्थ कर दिया गया है। इससे खासकर अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों के एकलशिक्षकीय एवं शिक्षकविहीन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के प्रेरणा सभागार में यह काउंसलिंग प्रक्रिया संपन्न हुई। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई इस काउंसलिंग में कुल 202 सहायक शिक्षक, 15 प्रधानपाठक, 152 व्याख्याता और 186 माध्यमिक शिक्षक सम्मिलित हुए।अतिशेष शिक्षकों को गणित, भौतिकी, रसायन, अंग्रेजी, हिंदी, जीवविज्ञान एवं वाणिज्य जैसे विषयों की कमी वाले विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। इससे न केवल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी बल्कि विद्यार्थियों को भी उनके विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे।अब दूरस्थ स्कूलों में शिक्षा की जड़ें होंगी मजबूतकई विद्यालयों में अब तक शिक्षक न होने के कारण आसपास के विद्यालयों से अध्यापक भेजे जाते थे, जिससे न केवल शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ रहता था बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। अब नए पदस्थापनों के माध्यम से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।शिक्षकों और पालकों को मिलेगा लाभनवीन पदस्थापन से न सिर्फ विद्यार्थियों को बल्कि शिक्षकों और उनके पालकों को भी राहत मिलेगी। यह व्यवस्था उन विद्यालयों के लिए भी वरदान साबित होगी, जहाँ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चलता था।प्रभारी कलेक्टर श्री प्रतीक जैन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है।
