कमलेश त्रिवेदी की खबर
बस्तर/नगरनार:नगरनार क्षेत्र में स्थित एनएमडीसी प्लांट से निकल रहा काला वेस्टेज पानी अब किसानों के लिए काल बन चुका है।
यह जहरीला पानी सीधे खेतों में प्रवेश कर रहा है, जिससे धान की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।
ग्राम पंचायत नगरनार के कम से कम 54 किसान इस समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हैं और पिछले कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।किसानों की मेहनत बर्बाद, धान उत्पादन ठपक्षेत्र के किसान बताते हैं कि धान बोने का समय निकल रहा है, लेकिन काले पानी की वजह से खेतों में बुवाई तक नहीं हो पा रही है।
मिट्टी जहरीली हो चुकी है और लगातार पानी रिसाव से खेतों में बदबू और गंदगी फैल रही है।प्रभावित किसानों में शामिल हैं:कचरा भाई, ख़गपति, मंगल देई, चंद्रा देवी, रमेश मिश्रा, दशरथ, बिमला, पदमा, और कमला जैसे कई परिवार — जो अब रोज़ी-रोटी के लिए परेशान हैं।

प्रशासन से शिकायतें, लेकिन कोई हल नहींग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों जैसे विधायक और सांसदों को भी दी गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
किसान लगातार पंचायत और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।स्थानीय स्तर पर मिट्टी डालकर रोकने की योजनासरपंच ने बताया कि फिलहाल जहाँ से यह काला पानी आ रहा है, वहाँ मिट्टी डालकर उस रास्ते को बंद करने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि यह एक अस्थायी उपाय है और लंबे समय तक यह समाधान नहीं माना जा सकता।—क्या कहता है प्रशासन?
अब सवाल यह उठता है कि एनएमडीसी जैसी बड़ी औद्योगिक इकाई द्वारा छोड़ा जा रहा वेस्टेज पानी आखिर खुले खेतों में कैसे पहुंच रहा है? और क्यों अब तक इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई?ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना प्रदर्शन और जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।—
📢 हमारी अपीलप्रशासन को चाहिए कि इस समस्या को गंभीरता से लेकर तुरंत समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए। नहीं तो आने वाले समय में यह एक बड़ा पर्यावरणीय और मानव संकट बन सकता है।–
