बस्तर, 10 दिसंबर 2025।ग्राम पंचायत घाटधनोरा में निर्मित अमृत सरोवर आज जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका बढ़ाने का सफल मॉडल बन चुका है।
सरोवर के निर्माण से न सिर्फ वर्षा जल का विशाल भंडारण संभव हुआ है, बल्कि गांव के 2.5 एकड़ कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा भी मिल रही है।

अमृत सरोवर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण राहगीरों के लिए विश्राम स्थल का रूप ले चुका है।
वहीं ग्रामीणों ने इसकी उपयोगिता बढ़ाते हुए शासन से 25 किलो मछली बीज लेकर मछली पालन शुरू किया है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो रही है।

तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ग्रामीणों ने मिलकर फलदार पौधों का रोपण भी किया है।ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवर ने गांव को जल–संपन्न बना दिया है, जिससे पूरे वर्ष पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।
सरोवर निर्माण ने रोजगार के अवसर भी बढ़ाए — मनरेगा के तहत 1384 परिवारों को कुल 8424 मानव-दिवस का रोजगार मिला और लगभग 17.667 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया।
महिलाओं ने बताया कि पहले दैनिक कामों के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।ग्रामीणों के सहयोग और शासन की पहल से बना यह अमृत सरोवर अब गांव की पहचान और गर्व का प्रतीक बन चुका है
