बीजापुर, छत्तीसगढ़ | बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़, ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष एसआईटी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
01 जनवरी 2024 को हुई निर्मम हत्या
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या 01 जनवरी 2024 को बीजापुर में हुई थी। आरोप है कि ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उनके साथियों ने इस घटना को अंजाम दिया और शव को छिपाने के लिए सेप्टिक टैंक का सहारा लिया। घटना का कारण मुकेश चंद्राकर द्वारा ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाना माना जा रहा है।
पहले भी सामने आए थे ठेकेदारों के खिलाफ आरोप
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में बीजापुर के कई नागरिकों ने ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ शिकायतें की थीं। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेबर पार्टी का कहना है कि यह हत्या प्रशासन की निष्क्रियता और बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप की ओर स्पष्ट इशारा करती है।
लेबर पार्टी की मांगें:
लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़, के प्रदेश अध्यक्ष महेश स्वर्ण
- इस हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाए।
- दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा दी जाए।
- पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- प्रशासन की निष्क्रियता की गहन जांच हो।
- यह जांच की जाए कि इस षड्यंत्र में प्रशासन और बाहरी शक्तियों की क्या भूमिका है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला
महेश स्वर्ण ने कहा कि यह घटना न केवल पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि बाहरी राजनेताओं और ठेकेदारों द्वारा मूल निवासियों के अधिकारों और आवाज को दबाने का भी प्रयास है।
लेबर पार्टी ने इस घटना को पत्रकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती करार दिया है। उन्होंने समाज और प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में न्याय सुनिश्चित करें और ऐसे अपराधों पर सख्ती से रोक लगाएं।
