जगदलपुर,

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान राजमहल परिसर में लगने वाले मीना बाजार (डिज़्नीलैंड मेला) में इस बार जीएसटी लूट का बड़ा खुलासा हुआ है?
पत्रकार कल्याण संगठन, बस्तर संभाग की शिकायत पर राज्य जीएसटी विभाग ने सोमवार शाम औचक निरीक्षण कर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया।

संगठन ने 19 सितंबर को ही जिला प्रशासन एवं जीएसटी विभाग को ज्ञापन सौंपकर यह आशंका जताई थी कि मीना बाजार के आयोजक हर साल करोड़ों का कारोबार करते हैं, लेकिन GST का नियमानुसार भुगतान नहीं कर रहे।
आरोप है कि एक ही सीरियल नंबर पर कई टिकट बेचे जा रहे हैं, स्टॉलों पर बिल नहीं दिया जाता, टिकटों पर GST नंबर का उल्लेख नहीं होता और कुछ जगहों पर बिना टिकट पैसे वसूले जा रहे हैं।
औचक जांच में खुलीं कई परतेंGST विभाग की कार्रवाई के दौरान आयोजकों से पूछे गए सवालों के जवाब असंतोषजनक पाए गए। यहां तक कि आयोजकों के चार्टर्ड अकाउंटेंट भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।
परिणामस्वरूप, विभाग ने आयोजकों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और आगे से नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।जांच के समय पत्रकार कल्याण संगठन के सदस्य भी मौजूद रहे।
संगठन ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी जनहित और पारदर्शिता के लिए इस तरह के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
क्या अब आएगी पारदर्शिता?
हर वर्ष बस्तर दशहरा की रौनक के साथ लगने वाला यह मनोरंजन मेला, जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का संगम होता है, अब वित्तीय पारदर्शिता की कसौटी पर भी खरा उतर पाएगा या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा।
प्रशासन और जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आयोजक नियमों का पालन करेंगे या अनदेखी का सिलसिला जारी रहेगा।
