नगर निगम जगदलपुर में पदोन्नति प्रक्रिया पर उठे सवाल, पूर्व कर्मचारी नेता ने लगाए अनियमितता के आरोप
जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर में कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ एवं पूर्व अध्यक्ष नगर निगम कर्मचारी संघ जगदलपुर वनिश दुबे ने पदोन्नति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए वर्ष 2008 के बाद हुई सभी पदोन्नतियों की जांच की मांग की है।
वनिश दुबे का आरोप है कि नगर निगम में रिक्त पद होने के बावजूद कई कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका दावा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता को आधार बनाया जा रहा है, जबकि पदोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता और उपयुक्तता के नियमों का भी पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर योग्यता से जुड़े प्रावधानों और छूट के नियमों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उनका आरोप है कि वरिष्ठता सूची, स्वीकृत पदों और रिक्त पदों की जानकारी कर्मचारियों को नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती तथा वरिष्ठता सूची को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता का अभाव है।
वनिश दुबे ने यह भी दावा किया कि योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति लंबे समय तक लंबित रखना उनके अधिकारों को प्रभावित करता है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 16 और उच्च न्यायालय के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता के साथ-साथ निर्धारित योग्यता और उपयुक्तता के नियमों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
पूर्व कर्मचारी नेता ने शासन और नगर निगम के जनप्रतिनिधियों, विशेष रूप से एमआईसी, से मांग की है कि वर्ष 2008 के बाद नगर निगम में हुई सभी पदोन्नतियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
साथ ही वर्ष 2013 से वर्तमान तक की वरिष्ठता सूची की समीक्षा करने, रिक्त पदों की गणना करने और नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति देने की मांग की गई है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, लगाए गए आरोपों पर नगर पालिक निगम जगदलपुर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर खबर में शामिल किया जाएगा।
